महाभारत के विशाल और प्राचीन महाकाव्य में, एक कम-ज्ञात कहानी मौजूद है जो आधुनिक भारत के राजनीतिक परिदृश्य से काफी मिलती जुलती है। यह राजा नल की कहानी है, जो अपने ज्ञान और न्यायपूर्ण शासन के लिए प्रसिद्ध शासक थे, जिनकी छल और मोक्ष की यात्रा समकालीन राजनीति पर एक मार्मिक प्रतिबिंब प्रस्तुत करती है।
उम्मीदों की शाम **************** सोमवार की शाम कुछ थकी-थकी सी है, रात की चादर में सिमटी हुई सी है, दिनभर की दौड़ में उलझे हुए हैं हम, पर उम्मीदों की लौ अब भी जली हुई सी है। शहर की रौशनी में हल्की खामोशी है, दिल में कहीं थोड़ी सी बेकरारी सी है, सपने जो सुबह के संग देखे थे हमने, वो अब भी निगाहों में जागी हुई सी है। शाम की ठंडक में सुकून थोड़ा है, कल की सुबह का ख्याल अभी ज़िंदा है, सोचते हैं कि थकान मिटा लें आज की, क्योंकि हर दिन के साथ एक नया सपना है। शुभ संध्या #शुभ_संध्या #GoodEvening
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