सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

श्री हनुमान जी: वीरता और भक्ति का प्रतीक

पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार का दिन सर्वोत्तम होता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि भगवान हनुमान कलयुग में एक मात्र ऐसे जागृत और साक्षात देवता हैं, जिनके सामने कोई मायावी शक्ति नहीं टिक पाती है। ऐसे में वीर बजरंगबलि जी की कृपा पाने के लिए हर मंगलवार को विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए।

मान्यता है कि मंगलवार को महाबली हनुमान की पूजा करने और व्रत रखने से संकट मोचन जल्द प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों के सभी कष्ट हर लेते हैं। पूजा और व्रत के अलावा संकट मोचन हनुमान के कुछ चमत्कारी मंत्र हैं, जिनका जाप करने से भय, संकट और शत्रुओं से छुटकारा मिल सकता है। आइये जानते हैं हनुमान जी के शक्तिशाली चौपाई और मंत्रों के बारे में...

भय नाश करने के लिए हनुमान मंत्र
हं हनुमंते नम:।🙏

स्वास्थ्य के लिए
नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा ।🙏

संकट दूर करने का मंत्र
ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।🙏

कर्ज मुक्ति के मंत्र
ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।🙏

मनोकामना प्राप्ति के लिए मंत्र
ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये। नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।🙏

प्रेत भुत बाधा नाशक मंत्र
हनुमन्नंजनी सुनो वायुपुत्र महाबल: अकस्मादागतोत्पांत नाशयाशु नमोस्तुते।🙏

मान्यता है की इन सब मंत्र के अलावा हनुमान चालीसा और बजरंग बाण हनुमान जी को बहुत पसंद है, क्यों की इनमे उनके प्रभु श्रीराम जी का उल्लेख है। हनुमान चालीसा और बजरंग बन का जाप करने से ब्यक्ति को निरोग और बलशाली काया, स्वस्थ मन का आशीर्वाद मिलता है। उनकी आराधना करने से हम अपने जीवन में सुख, शांति और उत्तम स्थिति का अनुभव कर सकते हैं।

जय श्री राम!🙏 जय बजरंगबली! 🙏
बजरंगबली आपका दिन शुभ और मंगलमय बनायें🙏💐
#जयश्रीराम #जय_बजरंग_बली #GoodMorningEveryone

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

राजा नल: आधुनिक राजनीति में धोखे और पुनरुत्थान की कहानी

  महाभारत के विशाल और प्राचीन महाकाव्य में, एक कम-ज्ञात कहानी मौजूद है जो आधुनिक भारत के राजनीतिक परिदृश्य से काफी मिलती जुलती है। यह राजा नल की कहानी है, जो अपने ज्ञान और न्यायपूर्ण शासन के लिए प्रसिद्ध शासक थे, जिनकी छल और मोक्ष की यात्रा समकालीन राजनीति पर एक मार्मिक प्रतिबिंब प्रस्तुत करती है। राजा नल को अपने भाई, पुष्कर के रूप में एक विकट चुनौती का सामना करना पड़ा, जिसके मन में सिंहासन की गहरी इच्छा थी। पुष्कर ने चालाकी से नल को पासे के खेल में चुनौती दी, एक ऐसी प्रतियोगिता जो राज्य के भाग्य का निर्धारण करेगी। खेल की अनुचितता के बावजूद, नल ने अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखते हुए चुनौती स्वीकार कर ली। आधुनिक राजनीति की तरह, पासे का खेल भी छल और चालाकी से भरा हुआ था। बेईमान रणनीति की सहायता से, पुष्कर विजयी हुआ, उसने नल से उसका राज्य, धन और यहाँ तक कि उसकी प्यारी पत्नी, रानी दमयंती भी छीन ली। बेसहारा और अकेला छोड़ दिया गया, नल जंगलों में भटकता रहा, अपने नुकसान से जूझता रहा और अपने अगले कदमों पर विचार करता रहा। अपने सबसे बुरे समय में, नल का असली चरित्र चमक उठा। अपनी पीड़ा के बावजूद...

उम्मीदों की शाम

उम्मीदों की शाम **************** सोमवार की शाम कुछ थकी-थकी सी है, रात की चादर में सिमटी हुई सी है, दिनभर की दौड़ में उलझे हुए हैं हम, पर उम्मीदों की लौ अब भी जली हुई सी है। शहर की रौशनी में हल्की खामोशी है, दिल में कहीं थोड़ी सी बेकरारी सी है, सपने जो सुबह के संग देखे थे हमने, वो अब भी निगाहों में जागी हुई सी है। शाम की ठंडक में सुकून थोड़ा है, कल की सुबह का ख्याल अभी ज़िंदा है, सोचते हैं कि थकान मिटा लें आज की, क्योंकि हर दिन के साथ एक नया सपना है। शुभ संध्या #शुभ_संध्या #GoodEvening